दिल्ली हाईकोर्ट शुक्रवार को सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना और अन्य की अपने खिलाफ रिश्वत के आरोप में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका पर फैसला सुनाएगा।जस्टिस नजमी वाजिरी ने 20 दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने कहा था कि रिश्वत के आरोपों पर अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में सभी अनिवार्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया।

हैदराबाद के बिजनेसमैन सतीश बाबू सना ने एक मामले में राहत पाने के लिए अस्थाना को रिश्वत दी थी। सना ने अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार, जबरन वसूली, पक्षपात और गंभीर कदाचार के आरोप लगाए थे। इसके अलावा डीएसपी देवेंदर कुमार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई थी।
अस्थाना से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में आरोपी डीएसपी देवेंदर कुमार ने अपने तबादले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने बुधवार को कार्यभार संभालते ही नागेश्वर राव द्वारा किए गए अधिकारियों के तबादले आदेश को रद्द कर दिया था।

देवेंदर की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है। आवेदन दायर कर मांग की गई है कि सीबीआई को निर्देश दिया जाए कि आलोक वर्मा व दूसरे स्थानांतरित अधिकारी उसके खिलाफ एफआईआर में हस्तक्षेप न करें। इसके अलावा देवेंद्र कुमार ने मामले में शिकायतकर्ता सतीश बाबू सना का चार अक्तूबर 2018 का हस्त लिखित बयान रिकार्ड पर लेने का आग्रह कोर्ट से किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here