प्रदेश भाजपा ने दिल्ली सरकार पर स्कूलों में बच्चों के जरिए अभिभावकों का डाटा एकत्रित करने में चुनाव आयोग के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने चुनाव आयोग से आम आदमी पार्टी की मान्यता रद्द कर चुनाव चिन्ह जब्त करने की मांग की है।  प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी व विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेन्द्र गुप्ता ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट तौर पर दिल्ली सरकार को स्कूलों के जरिए डाटा एकत्रित करने पर रोक लगा दी थी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 20 नवंबर को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर बताया कि सरकार अभिभावकों के पते की जानकारी के लिए डाटा एकत्रित कर रही है।

गुप्ता ने कहा चुनाव आयोग से हम पांच दिसंबर को मिले थे और उसी दिन आयोग ने सरकार को पत्र लिखकर पुन: कहा कि पते की जानकारी के लिए डाटा एकत्रित करने की जरूरत नहीं है क्योंकि अभिभावकों के पता बदलने पर भी ऐपिक नंबर वही रहता है। इसके अलावा आयोग ने सरकार को अब तक का एकत्रित डाटा दिल्ली चुनाव आयोग को सौंपने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा बावजूद इसके अभी भी सरकार डाटा एकत्रित कर रही है और उसका राजनीति उपयोग कर रही है। यह सरासर चुनाव आयोग के आदेश का उल्लंघन है।

तिवारी ने सरकार का नीतियों पर कोई विश्वास नहीं है। उन्होंने कहा सरकार व पार्टी बार-बार लोगों को उनके वोट काटने का तर्क देकर भ्रम फैला रही है। सरकार का विकास कार्यो पर ध्यान नहीं है बल्कि हवा में कटे वोटों को हवा में ही जुड़वा रही है। उन्होंने कहा वे जल्द ही चुनाव आयोग से मिलकर पार्टी की मान्यता रद्द कर उसके चुनाव चिन्ह को जब्त करने का आग्रह करेंगे।

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